Satyam Hospital, Phulera

बारिश का मौसम गर्मी से राहत तो देता है, लेकिन इसके साथ कई बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। इस मौसम में वायरल फीवर, डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड, पेट के संक्रमण, सर्दी-जुकाम और त्वचा संबंधी समस्याएं आम हो जाती हैं। थोड़ी सी सावधानी अपनाकर आप और आपका परिवार पूरे मानसून में स्वस्थ रह सकते हैं।
1. साफ और सुरक्षित पानी पिएं
बारिश के दौरान पानी दूषित होने की संभावना बढ़ जाती है। गंदा पानी पीने से पेट संबंधी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।
- हमेशा उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ पानी पिएं।
- बाहर का खुला पानी पीने से बचें।
- पानी की टंकी और स्टोरेज को नियमित रूप से साफ रखें।
2. मच्छरों से बचाव करें
बरसात में जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ती है।
- घर के आसपास पानी जमा न होने दें।
- मच्छरदानी और मच्छर भगाने वाले साधनों का उपयोग करें।
- पूरी बांह के कपड़े पहनें।
- कूलर का पानी नियमित रूप से बदलें।
3. बाहर का खुला भोजन खाने से बचें
इस मौसम में भोजन जल्दी खराब हो सकता है और संक्रमण फैला सकता है।
- ताजा और घर का बना भोजन करें।
- कटे हुए फल और खुला खाना न खाएं।
- भोजन करने से पहले हाथ अवश्य धोएं।
4. भीगने के बाद तुरंत कपड़े बदलें
लंबे समय तक गीले कपड़े पहनने से सर्दी, खांसी और त्वचा संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
- बारिश में भीगने के बाद तुरंत सूखे कपड़े पहनें।
- पैरों को अच्छी तरह साफ करके सुखाएं।
- गीले जूते और मोजे अधिक देर तक न पहनें।
5. हाथों की स्वच्छता बनाए रखें
कई बीमारियां गंदे हाथों के माध्यम से फैलती हैं।
- खाने से पहले और बाद में हाथ धोएं।
- बाहर से आने के बाद साबुन से हाथ साफ करें।
- बच्चों को भी हाथ धोने की आदत सिखाएं।
6. रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रखें
मजबूत इम्यूनिटी शरीर को संक्रमण से बचाने में मदद करती है।
- पौष्टिक भोजन करें।
- हरी सब्जियां और मौसमी फल खाएं।
- पर्याप्त नींद लें।
- नियमित हल्का व्यायाम करें।
7. बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें
बच्चों और बुजुर्गों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत कम होती है।
- उन्हें बारिश में अधिक देर तक न भीगने दें।
- समय पर भोजन और दवाइयां दें।
- बुखार या कमजोरी होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
8. इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें
यदि निम्न में से कोई लक्षण दिखाई दे तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें:
- लगातार बुखार
- तेज सिरदर्द
- शरीर में दर्द
- उल्टी या दस्त
- अत्यधिक कमजोरी
- सांस लेने में परेशानी